मज़ा लिया जाए – Ghazal

December 12, 2012 at 11:42 am | Posted in india | Leave a comment
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दिन है इतवार का मज़ा लिया जाए
थोडा इंतज़ार का मज़ा लिया जाए

जवानी का पतझड़ कब का गुज़र गया गया
बुढापे  की बहार बहार का मज़ा लिया जाए

कलम दवात मेरी पूरी ज़िन्दगी को खा गए
खंजरों की धार का मज़ा लिया जाए

बेईमान हो गए तो उनकी हैसियत बदल गई
फिर से इमानदार का मज़ा लिया जाए

पहली नज़र में ही उसे दिल दिया मैंने
मोहब्बत की इस हार का मज़ा लिया जाए

कभी कभी बच्चे भी बनके देख लो यारों
माँ के उस दुलार का मज़ा लिया जाए

घटनाएं रोज़ ही होती रहेंगी नया कुछ नहीं है
चलो पुराने अखबार का मज़ा लिया जाए

Hindi ki Kahaani

September 14, 2012 at 12:48 pm | Posted in india | Leave a comment
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युग बदल गया अब वो हिंदी न रही
सलवार की जगह जींस आ गयी, और माथे पे बिंदी न रही |

कल तक जो दुपट्टा था आज वो stole हो गया
अरे हिंदी का आसन बुरी तरह से डांवाडोल हो गया |

हिंदी बोलने में आजकल के संस्कारी युवा झिझकते हैं, शर्माते हैं
अधकचरा अंग्रेजी बोल कर अपने जैसे ही लोगों में upclass कहलाते हैं |

हिंदी की इज्ज़त सिर्फ सितम्बर के राजभाषा मास में होती है
बाकी के महीने ये किसी कोने में दुबक कर सोती है |

अगर आगे बढ़ना है तो हमें इसे ऊपर उठाना होगा
हिंदी की आग को हम सबके अन्दर भड़काना होगा
वरना मेरे दोस्त, अधकचरी भाषाओँ में हम कहीं खो जायेंगे
जिन संस्कारों को दुनिया मानती है उनमे भी  हम अधकचरे हो जायेंगे |

राशिफल 2012 – Horoscope 2012 in Hindi

January 9, 2012 at 6:42 pm | Posted in fun, india | Leave a comment
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मेष

इस साल आपका विवाह योग बन रहा है मगर ज़्यादा खुश होने की ज़रूरत नहीं है क्योंकि आप पहले से शादीशुदा हैं। गणेशा कहते हैं कि इस आफत के लिए आप खुद ज़िम्मेदार हैं। टाइमपास करने के चक्कर में ऑफिस में जिस लड़की से आपने फ्लर्ट करना शुरू किया था, उसे लेकर आप अब सीरियस होने लगे हैं। आपके प्यार में वो लड़की भी इतना आगे जा चुकी है कि आपका तलाक तक करवा सकती है वैसे भी वो घर उजाड़ने के मिशन पर निकली है।

जब-जब आप ऑफिस में होते हैं तो बीवी को धोखा देने के लिए मन में गिल्ट होता है मगर घर पहुंचते ही बीवी की कर्कश आवाज़ सुन, आप सोचते हैं कि ये यही डिज़र्व करती है।

बावजूद इसके गणेशा सलाह देंगे कि इन चक्करों में मत पड़िए। ये उम्र आपकी सैटिंग करने की नहीं, कन्यादान करने की है। ज़रा नज़र उठाकर देखिए, आपकी बेटी जवान हो गई है।

सलाह-पांच शनिवार छह कौओं को शहद चटाइए, इससे आपकी बीवी की कर्कशता चली जाएगी।

लाल रंग की गिलहरी को बूंदी का रायता खिलाएं

वृष

31 दिसम्बर की शाम पतले होने का जो resolution आपने लिया था, वो दो जनवरी की सुबह आलू के परांठे खाने के साथ टूट जाएगा। तीन जनवरी की शाम दोस्त के साथ टहलते हुए आप उसके कहने पर मोमो खा लेंगे। पहला मोमो मुंह मे लेते ही पतले होने का आपका resolution आपको धिक्कारेगा मगर उसे इग्नोर कर आप एक और प्लेट का ऑर्डर देंगे। दस जनवरी की शाम बीवी आपको बताएगी कि रनिंग के लिए आपने जो नया ट्रैक सूट खरीदा था, बिना एक बार भी पहने उसे चूहा काट गया है।

बीवी पर लापरवाही का इल्ज़ाम लगाते हुए आप उससे झगड़ा करेंगे, जिस पर बीवी के हाथों आपकी उन स्पोर्ट्स शूज़ से पिटाई हो जाएगी जिन्हें आपने ट्रेक सूट के साथ खरीदा था।

सलाह-किसी गरीब आदमी को रा वन और रामगोपाल वर्मा की आग की डीवीडी भेंट करें, उसे देखने के बाद वो आपको इतनी बद्दुआएँ देगा कि आप खुद-ब-खुद पतले हो जाएँगे।

मिथुन

बाकी सालों की तरह इस साल भी आप कुछ ख़ास नहीं उखाड़ पाएंगे। ऑफिस में आपको बॉस से डांट खानी पड़ेगी और घर पर बीवी से। न तो रिश्तेदार आपको भाव देंगे और न ही मांगने पर बच्चे पानी का गिलास। जून आते-आते आपका पालतू कुत्ता भी आपको देखकर पूंछ हिलाना बंद कर देगा। इस सबसे तंग आकर आप आत्महत्या करना चाहेंगे और जान देने के लिए एक दिन टीवी पर ‘मौसम’ की डीवीडी लगाएंगे। मगर प्रिंट ख़राब होने के कारण वो चल नहीं पाएगी। गुस्से में आप अपने हाथ की बनी चाय पिएंगे मगर उससे भी आप मरेंगे नहीं बस मुंह से झाग निकलने के बाद बेहोश होंगे।

सलाह-सात मंगलवार किसी लाल गिलहरी को बूंदी वाला रायता खिलाएं, लाभ मिलेगा।

कर्क

पिछले साल की तरह ये साल भी आप फेसबुक पर बैठ कर बर्बाद कर देंगे। दूसरों की वॉल से अच्छे-अच्छे स्टेटस चोरी करने, उन स्टेटस पर आने वाले लाइक का घंटों इंतज़ार करने, हर फोटो में दोस्तों को टैग करने, स्कूल में साथ पढ़ी लड़कियों के प्रोफाइल ढूंढने और एक्सेप्ट न किए जाने की उम्मीद के बावजूद उन्हें फ्रेंड रिक्वेस्ट भेजने में आप अपनी ज़िंदगी का एक और साल तबाह कर देंगे।

फेसबुक पर बैठे रहने के चक्कर में आप पूरी सर्दी बिना नहाए गुज़ार देंगे। इसी चक्कर में मां-बाप से गालियां खाएंगे मगर आप इतने ढीठ हो चुके हैं कि इन गालियों का आप पर कोई फर्क नहीं पड़ेगा। सारी गालियां एक कान से होते हुए बिना दिमाग में घुसे दूसरे कान से चुपचाप निकल जाएंगी।

सलाह-आप जैसे ढीठ आदमी को सलाह देने का कोई फायदा नहीं है।

सिंह

नौकरीपेशा लोगों के लिए ये साल काफी फलदायक रहेगा। सरकारी नौकरी में हैं तो दो नम्बर का पैसा बनाने का अच्छा मौका मिलेगा। प्राइवेट में हैं तो बॉस की लगातार चमचागिरी करने के चलते आपकी भारी तरक्की होगी। आपकी सैलरी बाकी लोगों से ज़्यादा बढ़ाई जाएगी। आपको ऐसे काम में लगाया जाएगा जिसके लिए न्यूनतम बुद्धि की आवश्यकता होगी। आपका काम बाकी लोगों की बॉस से चुगली करना है और वो आप पूरी ईमानदारी से करते रहें।

गणेशा सलाह देते हैं कि जून के बाद आप थोड़ा सतर्क हो जाएं क्योंकि इस दौरान बॉस का एक और सिफारिशी टट्टू ऑफिस में ज्वॉइन करेगा। तब आपको नए सिरे से खुद को प्रूव करना होगा। मगर घबराएं नहीं, खुद पर विश्वास रखें। हर आदमी के पास गिफ्टिड टेलेंट होता है। बॉस के सामने दूसरों की चुगली करने के लिए नए आदमी को एफर्ट करना होगा जबकि ऐसा करने का आपमें पैदाइशी गुण है।

सलाह- ‘लगाई-बुझाई’ की अपनी प्रतिभा को निखारने के लिए रोज़ाना तीन हिंदी सीरियल देखें।

कन्या

आपकी राशि भले ही कन्या हो मगर आपकी ज़िंदगी में कोई कन्या आती दिखाई नहीं दे रही। मगर इसमें किसी का कोई कसूर नहीं है, सिवाए आपके। करियर सेट करने की उम्र में आप लड़कियां सेट करते रहे और जब बारी लड़की सेट करने की आई तो आप करियर सेट करने में लगे हैं। आपकी अरेंज मैरिज हो सके ऐसी आपकी इमेज नहीं है और आप लव मैरिज कर सकें, ऐसी आपकी शक्ल नहीं। गणेशा कहते हैं कि ये स्थिति अभी कुछ और वक्त तक बनी रहेगी और 2017 के बाद जाकर आपका विवाह होगा मगर तब भी कन्या मनुष्य जाति से होगी या नहीं, इसकी गारंटी गणेशा नहीं लेते।

सलाह-इक्कीस सोमवार सुबह-शाम खुद को दस-दस थप्पड़ लगाएं, इससे उन लड़कियों के मन को शांति मिलेगी जो कभी आपको पीटना चाहती थीं।

तुला

वक्त आ गया है कि तुला राशि वाले अपनेआप को लेकर ग़लतफहमी पालना बंद कर दें और थोड़ा व्यावहारिक हो जाएं। सिर्फ आपके ये मानने से कि मैं बहुत होशियार हूं और ज़िंदगी में बहुत अच्छा डिज़र्व करता हूं, दुनिया को घंटा फर्क नहीं पड़ता। टीवी डिस्कशन्स में आने वाले गेस्ट को मूर्ख मानने से आप खुद होशियार नहीं हो जाते। दसवीं पास दोस्तों को अपने अल्पज्ञान से आतंकित करने से कुछ पल्ले नहीं पड़ने वाला। अब भी वक्त है, संभल जाइए। आपके दोस्तों के दो-दो बच्चे हो गए और आपकी अभी शादी तक नहीं हुई, ये बात अलग है कि बच्चे आपके भी दो हो चुके हैं जिनमें से एक की तो खुद आपको भी जानकारी नहीं है।

सलाह- खुद के कमाए पैसों से एक अंडरवियर खरीदने बाज़ार जाएं, अपनेआप अक्ल ठिकाने आ जाएगी।

दही में तीन चम्मच चाय पत्ती मिलाकर पंडित जी को पिलाएँ

वृश्चिक

वृश्चिक राशि वालों का इस साल भाग्य खूब साथ देगा। खरीदारी करने बाज़ार जाएंगे तो सेल में कुछ सस्ते स्वेटर मिल जाएंगे, बुक करवाने के दो दिन बाद सिलेंडर की डिलिवरी हो जाएगी, फुटपाथ से खरीदी पाइरेटिड सीडी का प्रिंट अच्छा निकलेगा, आटे की थैली में साबुनदानी का मुफ्त स्टैंड निकलेगा, जिस गाड़ी में सफर करेंगे उसमें सुंदर लड़कियां दिखेंगी, पड़ौसी मंगलू के दसवीं में अच्छे नम्बर आएंगे, उसकी बुआ की लड़की अपने मायके से आपके लिए नया पजामा लाएगी और और तो और आपकी भैंस माया भी इस साल बाकी सालों के मुकाबले ज़्यादा दूध देगी।

सलाह-अपनी गली के आठ आवारा कुत्तों की नसबंदी करवाएं, इससे आपका भाग्य और चमकेगा।

धनु

धनु राशि वालों की किस्मत इस साल बिलुकल साथ नहीं देगी। ऑफिस जाने की जल्दी होगी तो रास्ते में स्कूटर पंचर हो जाएगा, मेहमान आए होंगे तो सिलेंडर ख़त्म हो जाएगा, ज़रूरत पड़ेगी तो नेट काम नहीं करेगा, बीवी बीमार होगी तो कामवाली छुट्टी ले लेगी, सहवाग की बैटिंग के वक्त लाइट चली जाएगी, लाइट आने पर मिमोह चक्रवर्ती की फिल्म चल रही होगी और तो और जब-जब चाय में डुबोकर खाने के लिए ग्लूकोज़ का बिस्किट उसके अंदर डालेंगे, वो उसी में डूब जाएगा!

सलाह- बिस्किट चाय में न डूबे इसके लिए ज़रूरी है कि उसे लाइफ जैकेट पहनाएं।

मकर

टीवी देखने के लिहाज़ से ये साल महिलाओं के लिए काफी अच्छा है। मार्च के आसपास आप सोनी टीवी पर दो नए सीरियल देखने शुरू करेंगी और अपनी दृढ़ इच्छाशक्ति के दम पर बिना नागा उसे पूरा साल देखेंगी। इस दौरान रिमोट के लिए कई दफा आपका अपने पति से झगड़ा होगा मगर सीरियल्स की साजिश रचने वाली बहुओं की तरह आप भी हार नहीं मानेंगी।

वहीं दूसरी ओर रिएलिटी शोज़ के हिसाब से ये साल आपके लिए उतना अच्छा नहीं है। आप जिस-जिस कंटेस्टेंट को सपोर्ट करेंगी वो फाइनल तक तो पहुंचेगा मगर जीत नहीं पाएगा जिसे लेकर आपको भारी दुख होगा। रात-रात भर कमरा बंद कर फूल की कढ़ाई वाला तकिया मुंह में ले रोएंगी और हो सकता है इस बीच डिप्रेशन की शिकार भी हो जाएं।

सलाह- पति के सोते ही उसके मोबाइल से अपने चहेते प्रतिभागी को ढेरों वोट करें। इससे पति भले ही डेंजर ज़ोन में चला जाए, मगर आपका पसंदीदा गवैया बच जाएगा।

कुंभ

कुंभ राशि वाले अपना ये साल पंडितों के चक्कर में बर्बाद कर देंगे। आपके लिए ये समझना बहुत ज़रूरी है कि अगर आपकी ज़िंदगी में कुछ नया नहीं हो रहा तो उसकी वजह आपकी ख़राब किस्मत नहीं, आपका आलस हैं। ऑफिस से घर आने के बाद आपका सारा दिन पड़े रहने में बीतता है और यही वजह है कि आप दस साल से एक ही ऑफिस में पड़े हुए हैं। आपके पड़े-पड़े आपके बच्चे बड़े हो गए मगर आप अपने करियर में कहीं नहीं बढ़े। गणेशा सलाह देते हैं कि यूं दिनभर भेजे के कुकर में ख्याली पुलाव पकाते रहने और बॉस के घर की महिला सदस्यों को याद कर उसे गाली देने का कोई फायदा नहीं है।

लिहाज़ा बिना कुछ किए हालात सुधरने की उम्मीद में चार अख़बारों में राशियां पढ़ने और हाथ की अंगुलियों से लेकर पैर के अंगूठे तक में अंगूठियां पहनने के बजाए रजाई से निकलिए…गैस पर पानी गर्म कर नहाइए, नहीं नहाना तो मुंह-हाथ ही धोइए और स्कूटर स्टार्ट कर कहीं बाहर जाइए।

सलाह- एक पाव दही में तीन चम्मच चाय पत्ती डालने के साथ उसमें रात की बची एक कटोरी दाल डालिए और इसमें आधा गिलास फिनाइल मिक्स कर, उस पंडित को पिलाइए जो खुद आपको अब तक ऐसे उल्टे-सीधे उपाय बताता आ रहा था।

मीन

जहां तक बारगेनिंग या मोलभाव का सवाल है, मीन राशि की महिलाओं के लिए ये साल काफी शुभ हैं। दुकान से सूट का कपड़ा खरीदने से लेकर गली में सब्ज़ी वाले से लड़-झगड़कर पैसे कम करवाने में आपको व्यापक सफलता मिलेगी। आपकी ख्याति मौहल्ले में ही नहीं, देशभर में फैलेगी। और तो और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर हथियार खरीदते समय भारत सरकार दूसरे देशों से मोलभाव के लिए आपको बुलावा भेजेगी। फ्रांस जैसे देशों से मिसाइल खरीद के समय आप ये कहते हुए रेट कम करवाएंगी…जाओ भइया जाओ…पचास में पीछे जापान वाले दे ही रहे थे या फिर ‘हम तो हमेशा आप ही के यहां से खरीदते हैं’, कहकर उन्हें इमोशनली ब्लैकमेल करेंगी।

सलाह- कॉलेज में आप भाव खाती रही हैं और अब मोलभाव कर रही हैं। हमारी गुज़ारिश है कि यही हाव-भाव बनाए रखें।

300 Ramayanas

November 2, 2011 at 8:37 pm | Posted in hindu, india, knowledge | 2 Comments
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I found this post highly interesting. It was posted on some web site:

 

How many Ramayanas! Three hundred? Three thousand? At the end of some Ramayanas, a question is sometimes asked: How manyRamayanas have there been? And there are stories that answer the question. Here is one.

One day when Rama was sitting on his throne, his ring fell off. When it touched the earth, it made a hole in the ground and disappeared into it. It was gone. His trusty henchman, Hanuman, was at his feet. Rama said to Hanuman, ‘Look, my ring is lost. Find it for me.’

Now Hanuman can enter any hole, no matter how tiny. He had the power to become the smallest of the small and larger than the largest thing. So he took on a tiny form and went down the hole. He went and went and went and suddenly fell into the netherworld. There were women down there. ‘Look, a tiny monkey! It’s fallen from above!’ Then they caught him and placed him on a platter (thali). The King of Spirits (bhut), who lives in the netherworld, likes to eat animals. So Hanuman was sent to him as part of his dinner, along with his vegetables. Hanuman sat on the platter, wondering what to do. While this was going on in the netherworld. Rama sat on his throne on the earth above. The sage Vasistha and the god Brahma came to see him. They said to Rama, ‘We want to talk privately with you. We don’t want anyone to hear what we say or interrupt it. Do we agree?’

‘All right,’ said Rama, ‘we’ll talk.’

Then they said. ‘Lay down a rule. If anyone comes in as we are talking, his head should be cut off.’

‘It will be done,’ said Rama.

Who would be the most trustworthy person to guard the door? Hanuman had gone down to fetch the ring. Rama trusted no one more than Laksmana, so he asked Laksmana to stand by the door. ‘Don’t allow anyone to enter,’ he ordered. Laksmana was standing at the door when the sage Visvamitra appeared and said, ‘I need to see Rama at once. It’s urgent. Tell me, where is Rama?’ Laksmana said, ‘Don’t go in now. He is talking to some people. It’s important.’ ‘What is there that Rama would hide from me?’ said Visvamitra. ‘I must go in, right now.’

Laksmana said, ‘I’ll have to ask his permission before I can let you in.’ ‘Go in and ask then.’ ‘I can’t go in till Rama comes out. You’ll have to wait.’

‘If you don’t go in and announce my presence, I’ll burn the entire kingdom of Ayodhya with a curse,’ said Visvamitra. Laksmana thought, ‘If I go in now, I’ll die. But if I don’t go, this hotheaded man will burn down the kingdom. All the subjects, all things living in it, will die. It’s better that I alone should die.’

So he went right in. Rama asked him, ‘What’s the matter?’ ‘Visvamitra is here.’ ‘Send him in.’

So Visvamitra went in. The private talk had already come to an end. Brahma and Vasistha had come to see Rama and say to him, ‘Your work in the world of human beings is over. Your incarnation as Rama must now be given up. Leave this body, come up, and rejoin the gods.’ That’s all they wanted to say.

Laksmana said to Rama, ‘Brother, you should cut off my head.’ Rama said, ‘Why? We had nothing more to say. Nothing was left. So why should I cut off your head?’

Laksmana said, ‘You can’t do that. You can’t let me off because I’m your brother. There’ll be a blot on Rama’s name. You didn’t spare your wife. You sent her to the jungle. I must be punished. I will leave.’ Laksmana was an avatar of Sesa, the serpent on whom Visnu sleeps. His time was up too. He went directly to the river Sarayu and disappeared in the flowing waters.

When Laksmana relinquished his body. Rama summoned all his followers, Vibhisana, Sugriva, and others, and arranged for the coronation of his twin sons, Lava and Kusa. Then Rama too entered the river Sarayu. All this while, Hanuman was in the netherworld. When he was finally taken to the King of Spirits, he kept repeating the name of Rama. ‘Rama Rama Rama

Then the King of Spirits asked, ‘Who are you?’ ‘Hanuman.’ ‘Hanuman? Why have you come here?’ ‘Rama’s ring fell into a hole. I’ve come to fetch it.’

The king looked around and showed him a platter. On it were thousands of rings. They were all Rama’s rings. The king brought the platter to Hanuman, set it down, and said, ‘Pick out your Rama’s ring and take it.’ They were all exactly the same. ‘I don’t know which one it is,’ said Hanuman, shaking his head. The King of Spirits said, ‘There have been as many Ramas as there are rings on this platter. When you return to earth, you will not find Rama. This incarnation of Rama is now over. Whenever an incarnation of Rama is about to be over, his ring falls down. I collect them and keep them. Now you can go.’

So Hanuman left.

This story is usually told to suggest that for every such Rama there is aRamayana. The number of Ramayanas and the range of their influence in South and Southeast Asia over the past twenty-five hundred years or more are astonishing. Just a list of languages in which the Rama story is found makes one gasp: Annamese, Balinese, Bengali, Cambodian, Chinese, Gujarati, Javanese, Kannada, Kashmiri, Khotanese, Laotian, Malaysian, Marathi, Oriya, Prakrit, Sanskrit, Santali, Sinhalese, Tamil, Telugu, Thai, Tibetan—to say nothing of Western languages. Through the centuries, some of these languages have hosted more than one telling of the Rama story. Sanskrit alone contains some twenty-five or more tellings belonging to various narrative genres (epics, kavyas or ornate poetic compositions,puranas or old mythological stories, and so forth). If we add plays, dance-dramas, and other performances, in both the classical and folk traditions, the number of Ramayanas grows even larger. To these must be added sculpture and bas-reliefs, mask plays, puppet plays and shadows plays, in all the many South and Southeast Asian cultures.” Camille Bulcke (1950), a student of the Ramayana, counted three hundred tellings. It’s no wonder that even as long ago as the fourteenth century, Kumaravyasa, a Kannada poet, chose to write a Mahabharata, because he heard the cosmic serpent which upholds the earth groaning under the burden of Ramayana poets (tinikidanu phaniraya ramayanada kavigala bharadali). In this paper, indebted for its data to numerous previous translators and scholars, I would like to sort out for myself, and I hope for others, how these hundreds of tellings of a story in different cultures, languages, and religious traditions relate to each other: what gets translated, transplanted, transposed.

Insaaf ki Dagar Pe

September 28, 2010 at 9:49 pm | Posted in india | Leave a comment
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इन्साफ की डगर पे नेता की तरह चल के
भारत को चूस मारो स्ट्रा बदल बदल के

पुलिस है इनकी मौसी और ये पुलिस के मामा
दोनों हैं मिलके करते जनता का पंचनामा
कभी खाएं हमें कच्चा कभी खाएं हमें तल के
भारत को चूस मारो स्ट्रा बदल बदल के

पार्टी कोई भी आये पार्टी कोई भी जाए
बस ख्वाब दिखा कर वो पब्लिक के मन को भाये
धुन तो है वही बजती बस हारमोनियम बदलते
भारत को चूस मारो स्ट्रा बदल बदल के

Kuchh rakha hua sa…

July 30, 2010 at 12:29 am | Posted in fun, india, knowledge, poem | 2 Comments
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वो कटी फटी पत्तियां और दाग हल्का हरा हरा

रखा हुआ था किताब में मुझे याद है वो ज़रा ज़रा|

तनहा रहना फितरत में नहीं तनहा रहना मजबूरी है

तन्हाई तो बस काली हैं तेरी याद मगर सिंदूरी है |

इन रंग बिरंगी यादों में कुछ और भी रंग है भरा भरा,

रखा हुआ था किताब में मुझे याद है वो ज़रा ज़रा|

एक झलक तेरी लेने के लिए जो उठते थे हम सुबह तडके

बस खून सा दिल में होता था जब मिलते थे तुझसे वो लड़के |

पायल की छम छम याद है अब भी याद है तेरा वो गजरा

रखा हुआ था किताब में मुझे याद है वो ज़रा ज़रा|

Pyar ho to aisa

June 6, 2010 at 6:17 pm | Posted in india, knowledge, poem | Leave a comment
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काली प्लेट पर सफ़ेद रसगुल्ला

प्यार हो तो ऐसा पूरा खुल्लम खुल्ला

गालों की लाली अब और लाल होगी

किसी से मिलने को वो बेहाल होगी

जो परछाई उनकी भी उनकी न होगी

तो बातें तो होंगी होगा हल्ला गुल्ला

प्यार हो तो ऐसा पूरा खुल्लम खुल्ला

सहेली से मिलने को बेचैन होगी

राहों में रखे हुए नैन होगी

जो यारों ने उनके की हंसी ठिठोली

तो भागेगी दांतों में दबा कर के पल्ला

प्यार हो तो ऐसे पूरा खुल्लम खुल्ला

A poem for all the Team Leaders and Managers

May 30, 2010 at 2:58 pm | Posted in fun, india, knowledge, poem | Leave a comment
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Please rate and comment on my new poem.

अंगुली उठा कर इशारा किया
टॉयलेट जाने का सहारा लिया |

टास्क की पोजीशन पता ही न थी,
प्रोजेक्ट की तो बड़ी बात थी
अकेला नहीं था मैं इस बात पर
मेरी मेनेजर भी मेरे साथ थी|
‘सॉरी’ कहकर किनारा किया,
टॉयलेट जाने का सहारा लिया|

के नीचे से गाली के ऊपर से गाली,
बड़ी गन्दी गन्दी बड़ी काली काली,
प्रमोशन नहीं दो तो पैसा तो दो
कम से कम दूसरी कंपनी जैसा तो दो|
के कितनो को हमने बेचारा किया
टॉयलेट जाने का सहारा लिया|


ऐ ज़िन्दगी – Ae Zindagi

May 7, 2010 at 7:16 pm | Posted in india, poem | 1 Comment
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ऐ ज़िन्दगी

कभी कटती है कभी कटती ही नहीं,

ज़िन्दगी से मेरी पटती ही नहीं |

हर किसी के लिए खुलती सी जाती है,

सिर्फ अपने लिए सिमटती ही नहीं |

रोज़ कितनी बार मुझको मार देती है

कभी मेरे हाथों पिटती ही नहीं |

दिन रात इसकी बोली मैं घोंटता रहता हूँ

कभी मेरी बोली ये रटती ही नहीं |

जो जानता नहीं उसे ये मिल नहीं पाती

जीने वालों के लिए कभी घटती ही नहीं |

मेरे टीचर कहते हैं

January 22, 2010 at 2:07 pm | Posted in humour, india | 6 Comments
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I wrote this poem today. Please rate it and comment on how you feel about the same.

जिस देश में गंगा बहती है
उस  देश  में  नंगे  रहते  हैं
ये  मेरे शब्द  नहीं  हैं
ऐसा  मेरे  टीचर कहते हैं

खम्बे हैं  पर  बत्ती  गुल
महीने  की  इनकम 6 सौ  कुल
दीवाली में  दिल  जलता  है
पर  हंस  कर  ये  सब  सहते  हैं

ये  मेरे शब्द  नहीं  हैं
ऐसा  मेरे  टीचर कहते हैं

अँगरेज़  यहाँ  से  चले  गए
अंग्रेजी  माता  छोड़  गए
इस  देश  की  सुन्दर  भाषा  का
हर  अंग  पटक  कर  तोड़  गए

इस  क्षति  को  देख  के  रोता  हूँ
और  खून  के  आंसू  बहते  हैं

ये  मेरे  शब्द  नहीं  हैं
ऐसा  मेरे  टीचर  कहते  हैं

—— हिमांशु जोशी


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